पश्चिम बंगाल

हुमायूं कबीर का Mamata पर बड़ा आरोप: कैंडिडेट्स को हटाने के लिए रिश्वत देने का दावा

Kavita2
23 April 2026 11:55 AM IST
हुमायूं कबीर का Mamata पर बड़ा आरोप: कैंडिडेट्स को हटाने के लिए रिश्वत देने का दावा
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल और तेज हो गया है। गुरुवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ गई।

Am Jonata Unnayan Party के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटाने के लिए रिश्वत दी है। उन्होंने दावा किया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि विपक्षी उम्मीदवारों को कमजोर किया जा सके।

कबीर ने मतदान के शुरुआती घंटों में मुर्शिदाबाद जिले की नौदा विधानसभा सीट के शिबनगर गांव में बने एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इसी दौरान वहां तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उनके खिलाफ “वापस जाओ” के नारे लगाए।

Murshidabad में हुई इस घटना के दौरान स्थानीय TMC कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कबीर की गाड़ी को घेर लिया और उन्हें “BJP एजेंट” बताते हुए नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण मतदान केंद्र के आसपास कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया और हालात को सामान्य किया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद मतदान प्रक्रिया फिर से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ी।

हुमायूं कबीर, जो पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में भरतपुर से विधायक रहे, ने अब अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में वापसी की है। उन्हें पिछले वर्ष दिसंबर में TMC से निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने विवादित बयान में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का प्रस्ताव दिया था।

AJUP कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके एक बूथ लेवल अध्यक्ष के साथ उसके घर पर मारपीट की। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी की पुष्टि की जा रही है।

कबीर ने TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर उम्मीदवारों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है और धन के माध्यम से उन्हें चुनाव से हटने के लिए प्रेरित किया गया है। उनके अनुसार, कई उम्मीदवारों को लाखों रुपये देकर चुनाव मैदान से हटाया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी ने शुरुआत में 142 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जो अब घटकर 115 सीटों पर रह गए हैं।

कबीर ने राज्य सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अलग-अलग समुदायों को प्रभावित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

पूरे मामले के बाद मुर्शिदाबाद में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क रखा गया है। चुनाव आयोग और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।

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